March 10, 2026
New Delhi, India
Technology

Gmail Filter Issue 2026: Gmail का मुख्य Spam Filter टूटने से Inbox में Spam और Promotional ईमेल की बाढ़

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जीमेल के स्पैम फ़िल्टर में बड़ी गड़बड़ी, इनबॉक्स में प्रमोशनल और स्पैम मेल का तांता

24 जनवरी 2026 को विश्व भर में Gmail उपयोगकर्ताओं को एक बड़ी तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा, जब Google के लोकप्रिय ईमेल प्लेटफ़ॉर्म Gmail के स्पैम फ़िल्टर और ऑटोमैटिक इनबॉक्स सॉर्टिंग सिस्टम में अचानक गड़बड़ी आ गई। इस तकनीकी खराबी के कारण बहुत से उपयोगकर्ताओं के इनबॉक्स में वे ईमेल सीधे पहुँचने लगे जो सामान्यतः Promotions, Updates या Spam टैब में जाते हैं। इसी वजह से लाखों ईमेल अनचाहे रूप से मुख्य इनबॉक्स में दिखने लगे, जिससे यूज़र्स की इनबॉक्स व्यवस्थापन और सुरक्षा दोनों प्रभावित हुई। Google ने इस समस्या को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है और इंजीनियर टीम द्वारा समाधान पर काम जारी है।


समस्या कैसे उभर कर सामने आई?

समस्या 24 जनवरी की सुबह लगभग 05:02 AM (US/Pacific) से शुरू हुई जब कई उपयोगकर्ताओं ने देखा कि उनकी इनबॉक्स में अब तक अलग टैब्स में जाने वाले संदेश सीधे Primary inbox में आ रहे हैं। इन संदेशों में प्रमोशनल ऑफ़र, अपडेट नोटिफ़िकेशन और ऐसे ईमेल शामिल थे जो आम तौर पर Gmail अपने Promotions या Updates टैब में स्वतः ही फ़िल्टर कर देता है।

कुछ उपयोगकर्ताओं को इनबॉक्स में यह चेतावनी भी दिखाई दी कि “Be careful with this message. Gmail hasn’t scanned this message for spam, unverified senders, or harmful software”, जिसका अर्थ है कि फ़िल्टर सिस्टम ने स्पैम और मैलवेयर जांच को पूरा नहीं किया है।

Reddit, सोशल मीडिया मंचों और Downdetector जैसे आउटेज मॉनिटरिंग प्लेटफ़ॉर्म्स पर कई उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की कि उनके Gmail इनबॉक्स में अनचाहे संदेशों का प्रवाह अचानक बढ़ गया था और पारंपरिक प्रमोशनल तथा अपडेट टैब अब प्रभावी नहीं थे।


गूगल का आधिकारिक बयान और स्थिति

Google ने अपनी Workspace Status Dashboard पर एक बयान जारी करके पुष्टि की कि उन्हें इस समस्या की जानकारी है और वे सक्रिय रूप से इसे हल करने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनी ने उपयोगकर्ताओं को उन ईमेल संदेशों से सतर्क रहने का निर्देश दिया जो अपरिचित स्रोतों से आते हैं, क्योंकि फिल्टर अस्थायी रूप से सही रूप से काम नहीं कर रहा है।

Google ने यह भी कहा कि समस्या का प्रभाव केवल गलत वर्गीकरण (misclassification) और अतिरिक्त स्पैम चेतावनियों तक सीमित है और यह कि यह किसी साइबर हमला या सुरक्षा उल्लंघन का परिणाम नहीं है। इंजीनियरिंग टीमें फिल्टर लॉजिक के पुनर्संतुलन और सिस्टम पुनर्स्थापना पर काम कर रही हैं, लेकिन अभी तक पूरी तरह समाधान का समय स्पष्ट नहीं किया गया है।


क्या समस्याएँ सामने आईं?

  • प्रमोशनल, सामाजिक और अपडेट ईमेल मुख्य इनबॉक्स में जाने लगे।
  • कुछ संदेशों पर “स्पैम जांच नहीं हुई” चेतावनी दिखी।
  • यूज़र्स को नियमित रूप से प्राप्त महत्वपूर्ण ईमेलों का विलंब से प्राप्त होना।
  • कुछ उपयोगकर्ताओं ने दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) संदेशों के देर से आने की शिकायत की।
  • इनबॉक्स में अनावश्यक नोटिफ़िकेशन की बाढ़, जिससे ध्यान भटकना।

यूज़र्स की प्रतिक्रियाएँ और अनुभव

सोशल मीडिया और Reddit जैसे मंचों पर उपयोगकर्ताओं ने कहा कि फिल्टर सिस्टम टूट जाने की वजह से प्रमोशनल मेल और स्पैम सीधे इनबॉक्स में आने लगे और “पहले से फ़िल्टर किए गए संदेश” अब मुद्दे बन गए हैं। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी सेटिंग नहीं बदली, फिर भी यह समस्या अचानक आयी।

एक उपयोगकर्ता ने बताया कि “सभी प्रमोशनल ईमेल सीधे मुख्य इनबॉक्स में आ रहे हैं, और यह बहुत परेशान करने वाला है।” किसी ने तो अपनी ईमेल नोटिफ़िकेशन को अस्थायी रूप से बंद तक कर दिया जब तक Google समस्या का समाधान नहीं कर देता।

कुछ उपयोगकर्ताओं ने अपने इनबॉक्स पर आने वाले फ़िशिंग और संदिग्ध संदेशों के कारण चेतावनीय संकेत भी देखा, जिसके कारण उन्हें सावधानी बरतने की ज़रूरत पड़ी। यह निरंतर प्रवाह कई लोगों के व्यक्तिगत और पेशेवर संवाद को भी प्रभावित कर रहा है।


ईमेल का विलंब और सुरक्षा चेतावनियाँ

कुछ Gmail उपयोगकर्ताओं ने यह भी रिपोर्ट किया कि ईमेल की डिलीवरी सामान्य से अधिक समय ले रही है। जो संदेश आम तौर पर तुरंत आते थे, उनमें देरी हुई, जिससे समय-संवेदनशील संवाद, जैसे OTP या व्यावसायिक पुष्टिकरण, प्रभावित हुए।

Google की स्थिति डैशबोर्ड इस बात की पुष्टि करती है कि फिल्टर और चारण (classification) सिस्टम में गड़बड़ी ने स्पैम चेतावनियों को भी गलत सक्रिय कर दिया है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त चेतावनियाँ मिल रही हैं कि उनके संदेशों को पूरी तरह स्कैन नहीं किया गया है।


कारण: AI-प्रेरित फ़िल्टर में गलती?

Gmail के फ़िल्टर सिस्टम को बड़े पैमाने पर मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम द्वारा संचालित किया जाता है, जो संदेशों को उनकी श्रेणियों (Primary, Social, Promotions आदि) में विभाजित करता है और संभावित स्पैम को फ़िल्टर करता है। इस प्रणाली की त्रुटि के परिणामस्वरूप संकेत मिलता है कि फिल्टर मॉडल में कठिनाई आयी है या अपडेट प्रक्रिया के दौरान त्रुटि उत्पन्न हो गयी है, जिससे ईमेल को गलत वर्गीकृत किया गया है।

यह समस्या दिखाती है कि उच्च स्तरीय AI-आधारित फ़िल्टरिंग सिस्टम भी पूरी तरह दोष-रहित नहीं होते और एक बड़े स्तर पर

बड़ी संख्या में संदेशों को गलत तरीके से वर्गीकृत कर सकते हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को वास्तविक स्पैम और प्रमोशनल ईमेलों के बीच अंतर करना कठिन हो जाता है।


उपयोगकर्ताओं के लिए सलाह

इस स्थिति के दौरान Google ने उपयोगकर्ताओं को कुछ सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है:

  • अंजान या अविश्वसनीय स्रोतों से आए ईमेल पर क्लिक न करें।
  • स्पैम और प्रमोशनल संदेशों को स्वयं एक्सेस और रिपोर्ट करें — इससे भविष्य में फिल्टर को सुधारने में मदद मिलती है।
  • महत्वपूर्ण ईमेल के लिए वैकल्पिक फ़िल्टर बनाएं ताकि जरूरी संदेश आसानी से मिल सकें।

क्या समस्या ठीक हो गई है?

Google ने कुछ हिस्सों में समस्या का समाधान कर दिया है और इंजीनियरिंग टीम सक्रिय रूप से उन बचे हुए मुद्दों को ठीक करने में लगी हुई है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट समय नहीं बताया कि समस्या पूरी तरह से कब ठीक हो जाएगी, उपयोगकर्ताओं की रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए फिल्टर सिस्टम सामान्य होने लगा है।


भविष्य में Gmail और फ़िल्टर सिस्टम की चुनौतियाँ

Gmail की यह समस्या बड़ी मात्रा में डेटा और मशीन-लर्निंग आधारित फ़िल्टरिंग सिस्टम की जटिलताओं को उजागर करती है। यूज़र्स और व्यवसाय दोनों ही इतने लंबे समय से इस सेवा पर भरोसा करते हैं कि ऐसे किसी भी व्यवधान का प्रभाव बड़ा होता है। भविष्य में Google को इन खुदरा उपयोग और सुरक्षा-आधारित फ़िल्टरिंग मॉडलों को और मजबूत बनाने की आवश्यकता होगी ताकि ऐसी स्थिति फिर न आए।


Gmail के स्पैम फ़िल्टर और ईमेल सॉर्टिंग सिस्टम में आई यह अचानक गड़बड़ी तकनीकी जगत के लिए एक बड़ा संदेश है — कि यहां तक की सबसे भरोसेमंद और व्यापक उपयोग की जाने वाली सेवाएं भी अप्रत्याशित तकनीकी समस्याओं का सामना कर सकती हैं। उपयोगकर्ताओं को इनबॉक्स की गतिविधियों पर सतर्क रहने, अनचाहे संदेशों को पहचानने और Google की ओर से जल्द ही आने वाले सुधारों की प्रतीक्षा करने की सलाह दी जाती है। यह घटना हमारी डिजिटल संचार निर्भरता की भी याद दिलाती है और यह स्पष्ट करती है कि तकनीकी सेवाओं की विश्वसनीयता हमेशा पूर्ण रूप से सुनिश्चित नहीं की जा सकती।